विलयन नोट्स – Class 12 Chemistry Chapter 1 notes in Hindi PDF

विलयन नोट्स

दो या दो से अधिक पदार्थों का समांगी मिश्रण विलयन (solutions in Hindi) कहलाता है। जिसका संघटन एक निश्चित सीमा तक परिवर्तित होता है।
विलयन में समांग रूप से स्थित पदार्थों को विलयन के घटक कहा जाता है। दो घटकों द्वारा निर्मित विलयन को द्विअंगी विलयन तथा तीन घटकों द्वारा निर्मित विलयन को त्रिअंगी विलयन कहा जाता है।

विलयन नोट्स
विलयन नोट्स

विलयन के उदाहरण →
जल से भरे किसी बर्तन में चीनी डालकर उसे चलाने पर, चीनी जल में घुल जाती है। तथा चीनी और जल एक समांगी मिश्रण बन जाता है। अर्थात् एक द्विअंगी विलयन बन जाता है।

विलयन के दो घटक होते हैं।
1. विलेय
2. विलायक
वह घटक जो विलयन में अधिक मात्रा में उपस्थित होता है उसे विलायक कहते हैं। तथा जो घटक शेष कम मात्रा में उपस्थित होता है। उसे विलेय कहते हैं।
उदाहरण → जल में नमक घोलने पर, नमक जल में घुल हो जाता है। अर्थात नमक और जल का एक मिश्रण बन जाता है। तब इस विलयन में नमक विलेय घटक है। जबकि पानी विलायक घटक है।

विलयन के प्रकार

सामान्यतः विलयन के दो अवयव होते हैं। विलेय और विलायक।
एक विलयन के निर्माण की प्रक्रिया में किसी भी भौतिक अवस्था में स्थित पदार्थ विलेय तथा विलायक दोनों की भांति कार्य कर सकता है।

विलयन के प्रकारविलेयविलायकउदाहरण
गैसीय विलयनगैसगैसदो गैसों का मिश्रण, वायु
द्रवगैसवायु में जलवाष्प
ठोसगैसकपूर, आयोडीन जैसे पदार्थों का वायु में उर्ध्वपातन
द्रव विलयनगैसद्रवजल में घुली आक्सीजन
द्रवद्रवजल में घुली हुई एथेनॉल
ठोसद्रवचीनी, नमक, यूरिया आदि के जल में विलयन
ठोस विलयनगैसठोसपैलेडियम में अधिशोषित हाइड्रोजन
द्रवठोसपारे का सोडियम के साथ अमलगम
ठोसठोसमिश्रधातु जैसे पीतल, कांसा आदि

अणुसंख्यक गुणधर्म

विलयन के वे गुण, जो विलेय कणों की संख्या या मात्रा पर निर्भर करते हैं। उन्हें अणुसंख्यक गुणधर्म कहते हैं।
अणुसंख्यक गुणधर्म विलेय की प्रकृति पर निर्भर नहीं करते हैं।
अणुसंख्यक गुणधर्म निम्न प्रकार के होते हैं →
1. वाष्पदाब का आपेक्षिक अवनमन
2. क्वथनांक में उन्नयन
3. हिमांक में अवनमन
4. परासरण दाब

विलयन की सांद्रता को व्यक्त करने वाली ईकाइयां

विलायक की किसी निश्चित मात्रा में उपस्थित विलेय की मात्रा को विलयन की सान्द्रता कहा जाता है। इसे अनेक इकाई में व्यक्त किया जा सकता है।

1. द्रव्यमान प्रतिशत (w/w)

किसी विलयन के 100 ग्राम में उपस्थित विलेय पदार्थ की ग्राम में मात्रा को विलयन की द्रव्यमान प्रतिशत कहते हैं।
\footnotesize \boxed { द्रव्यमान प्रतिशत = \frac{विलेय\,की\,ग्राम\,में\,मात्रा}{विलयन\,की\,ग्राम\,में\,मात्रा} × 100 }

2. आयतन प्रतिशत (V/V)

किसी विलयन के 100 मिलीलीटर विलयन में उपस्थित विलेय पदार्थ की ग्राम में मात्रा को विलयन की आयतन प्रतिशत कहते हैं।
\footnotesize \boxed { आयतन प्रतिशत = \frac{विलेय\,का\,आयतन}{विलयन\,का\,आयतन} × 100 }

Note – विलेय तथा विलायक दोनों के द्रव अवस्था में होने पर विलयन की सांद्रता ज्ञात करने के लिए इस विधि का प्रयोग किया जाता है।

3. द्रव्यमान आयतन प्रतिशत (w/V)

किसी विलयन के 100 मिलीलीटर में घुले हुए विलेय पदार्थ के ग्राम में द्रव्यमान को विलयन का द्रव्यमान आयतन प्रतिशत कहते हैं।
\footnotesize \boxed { द्रव्यमान\,आयतन\,प्रतिशत = \frac{विलेय\,की\,ग्राम\,में\,मात्रा}{विलयन\,का\,आयतन\,(mL में)} × 100 }

विलयन की सांद्रता को व्यक्त करने वाली और भी इकाइयां हैं। जिन पर हमारे द्वारा अलग से आर्टिकल तैयार किए गए हैं। जिनका लिंक आर्टिकल के लास्ट में प्रयुक्त किया गया है।

वान्ट हॉफ गुणांक

वान्ट हॉफ ने वियोजन और संगुणन की सीमा के निर्धारण के लिए एक गुणांक का प्रतिपादन किया जिसे वान्ट हॉफ गुणांक कहते हैं। इसे i से प्रदर्शित करते हैं।
i = \frac{वियोजन\,संगुणन\,के\,बाद\,कणों\,की\,संख्या}{वियोजन\,संगुणन\,के\,पूर्व\,कणों\,की\,संख्या}
i = \frac{सामान्य\,मोलर\,द्रव्यमान}{असामान्य\,मोलर\,द्रव्यमान}
i = \frac{प्रेक्षिक\,अणुसंख्यक\,गुणधर्म}{परिकलित\,अणुसंख्यक\,गुणधर्म}

Note → वान्ट हॉफ के अनुसार
i = 1 न संगुणन, न संगुणन होने पर
i < 1 संगुणन के लिए i > 1 वियोजन के लिए

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