विद्युत चुंबकीय स्पेक्ट्रम क्या है घटक, प्रकार | electromagnetic spectrum in Hindi

विद्युत चुंबकीय स्पेक्ट्रम

विद्युत चुंबकीय तरंगों को तरंगधैर्य के परिसर के आधार पर एक क्रम व्यवस्थित किया जा सकता है। इस क्रम को विद्युत चुंबकीय स्पेक्ट्रम (electromagnetic spectrum in Hindi) कहते हैं।
सूर्य के प्रकाश के स्पेक्ट्रम में लाल रंग से लेकर बैगनी रंग तक होते हैं। इसे दृश्य स्पेक्ट्रम कहते हैं। लाल रंग की तरंगधैर्य का मान सबसे अधिक 7.8 × 10-7 मीटर होता है तथा बैगनी रंग की तरंगधैर्य का मान सबसे कम 4.0 × 10-7 मीटर होता है।

विद्युत चुंबकीय तरंगे निर्वात में प्रकाश की चाल से चलती है। तथा यह तरंगे सदैव अनुप्रस्थ प्रकृति की होती हैं इन तरंगों में प्रकाश की भांति परावर्तन, अपवर्तन, व्यतिकरण तथा ध्रुवण का गुण पाया जाता है।

विद्युत चुंबकीय स्पेक्ट्रम के घटक

नीचे विद्युत चुंबकीय स्पेक्ट्रम के सभी घटकों के बारे में लिखा गया है। यहां विद्युत चुंबकीय स्पेक्ट्रम तरंगों की आवृत्ति, तरंगदैध्य एवं उनके उपयोग भी दिए गए हैं। यहां हमने इन तरंगों को तरंगधैर्य के बढ़ते क्रम में दर्शाया गया है।

1. रेडियो तरंगें

रेडियो तरंगें चालक तारों में आवेशों की त्वरित गति से उत्पन्न होती हैं। इनका उपयोग रेडियो एवं दूरदर्शन की संचार प्रणालियों में किया जाता है।
तरंगदैर्ध्य – इनकी तरंगदैर्ध्य 10-1 से 104 मीटर तक होती है।
आवृत्ति परास – इनकी आवृत्ति परास सामान्यतः 530 किलोहर्ट्स से 1000 किलोहर्ट्स तक के बीच होता है।

2. माइक्रो अथवा सूक्ष्म तरंगें

यह विशेष प्रकार की नलिकाओं जिन्हें गन डायोड कहते हैं के द्वारा उत्पन्न होती हैं। लघु तरंगदैर्ध्य के कारण इनका उपयोग विमान संचालन में रडार प्रणाली में, वाहनों की गति ज्ञात करने के लिए उपयोग में लाए जाने वाले यंत्रों में तथा माइक्रोवेव ओवन में इन तरंगों का उपयोग किया जाता है।
तरंगदैर्ध्य – इनकी तरंगदैर्ध्य 10-3 मीटर से 3 × 10-1 मीटर तक होती है।
आवृत्ति परास – इनकी आवृत्ति परास सामान्यतः 109 हर्ट्स से 3 × 1011 हर्ट्स तक के बीच होता है।

पढ़ें… विद्युत चुंबकीय तरंगे किसे कहते हैं | Physics class 12 chapter 8 notes in Hindi
पढ़ें… एम्पीयर मैक्सवेल का परिपथ नियम बताइए

3. अवरक्त तरंगें

अवरक्त तरंगे गर्म पिंडो एवं अणुओं से उत्पन्न होती हैं इन तरंगों को कभी कभी ऊष्मा तरंगे भी कहा जाता है। क्योंकि अधिकांश पदार्थों में विद्यमान जल के अणु अवरक्त तरंगों को तुरंत अवशोषित कर लेते हैं। अवशोषण के पश्चात उनकी तापीय गति बढ़ जाती है। अर्थात वे गर्म हो जाते हैं। अवरक्त किरणों का उपयोग घरेलू इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों जैसे टीवी, वीडियो रिकॉर्डर आदि में प्रयोग किया जाता है।
तरंगदैर्ध्य – इनकी तरंगदैर्ध्य 8 × 10-7 मीटर से 5 × 10-3 मीटर तक होती है।
आवृत्ति परास – इनकी आवृत्ति 6 × 1010 हर्ट्स से 4 × 1014 हर्ट्स तक के बीच होता है।

4. दृश्य प्रकाश तरंगें

यह विद्युत चुंबकीय तरंगों का सर्वाधिक सुपरिचित रूप है यह उस स्पेक्ट्रम का भाग है जिसके लिए हमारे नेत्र संवेदनशील होते हैं। इनका उपयोग अणुओं की संरचना तथा परमाणु के वह बाह्य कोश में इलेक्ट्रॉनों के प्रबंधन का पता लगाने में किया जाता है।
तरंगदैर्ध्य – इनकी तरंगदैर्ध्य 7 × 10-7 मीटर से 4 × 10-7 मीटर तक होती है।
आवृत्ति परास – इनकी आवृत्ति परास सामान्यतः 4 × 1014 हर्ट्स से 7 × 1014 हर्ट्स तक के बीच होता है।

5. पराबैगनी तरंगें

पराबैंगनी विकिरण विशिष्ट लैंपो एवं बहुत गर्म पिंडों से उत्पन्न होती हैं। सूर्य पराबैगनी तरंगों का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। परंतु इसका अधिकांश भाग वायुमंडल पर स्थित ओजोन परत से अवशोषित हो जाता है। यह तरंगे मानव पर हानिकारक प्रभाव डालती हैं। पराबैगनी किरणों का उपयोग खाने की वस्तुओं के संरक्षण में तथा जल शोधक में पराबैगनी लैंपो का उपयोग जीवाणुओं को मारने में होता है।
तरंगदैर्ध्य – इनकी तरंगदैर्ध्य 4 × 10-7 मीटर से 6 × 10-10 मीटर तक होती है।
आवृत्ति परास – इनकी आवृत्ति परास सामान्यतः 8 × 1014 हर्ट्स से 3 × 1016 हर्ट्स तक के बीच होता है।

6. एक्स किरणें

विद्युत चुंबकीय स्पेक्ट्रम के पराबैंगनी भाग के पश्चात एक्स किरणों का क्षेत्र है। चिकित्सा में एक्स किरणों को नैदानिक साधन के रूप में तथा कुछ प्रकार के कैंसर के उपचार के रूप में प्रयोग में लाते हैं।
तरंगदैर्ध्य – इनकी तरंगदैर्ध्य 10-8 मीटर से 10-13 मीटर तक होती है।
आवृत्ति परास – इनकी आवृत्ति परास सामान्यतः 1016 हर्ट्स से 3 × 1019 हर्ट्स तक के बीच होता है।

7. गामा किरणें

उच्च आवृत्ति की यह किरणें नाभिकीय अभिक्रियाओं में उत्पन्न होती हैं। यह रेडियोधर्मी नाभिकों द्वारा भी उत्सर्जित होती हैं। यह चिकित्सा में कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए भी उपयोग की जाती है। यह विद्युत चुंबकीय स्पेक्ट्रम के ऊपरी आवृत्ति के क्षेत्र में होती हैं।
तरंगदैर्ध्य – इनकी तरंगदैर्ध्य 10-10 मीटर से 10-14 मीटर तक होती है।
आवृत्ति परास – इनकी आवृत्ति परास सामान्यतः 3 × 1018 हर्ट्स से 3 × 1022 हर्ट्स तक के बीच होता है।


शेयर करें…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *