LED क्या है इसके मुख्य उपयोग, सिद्धांत | प्रकाश उत्सर्जक डायोड की संरचना, परिभाषा

LED क्या है (प्रकाश उत्सर्जक डायोड)

LED एक अत्यधिक अपमिश्रित pn संधि डायोड होती है। जो अग्र दिशिक में विकिरणों का उत्सर्जन करती है। इस प्रकार की युक्ति को प्रकाश उत्सर्जक डायोड अथवा LED (light emitting diode in Hindi) कहते हैं।
यह डायोड पारदर्शी आवरण से बंद होता है जिससे कि उत्सर्जित विकिरण (प्रकाश) बाहर आ सके।

अगर आसान भाषा में वर्णन करें तो,
वह युक्ति, जो अभिनत बैटरी से प्राप्त विद्युत ऊर्जा को विकिरण ऊर्जा में परिवर्तित करती है। LED कहलाती है।

प्रकाश उत्सर्जक डायोड का सिद्धांत

जब डायोड अग्र दिशिक होता है तो इलेक्ट्रॉन n→p क्षेत्र की ओर तथा होल p→n की ओर गति करने लगते हैं। जब डायोड की अग्र दिशिक निम्न होती है तो उत्सर्जित प्रकाश की तीव्रता भी कम होती है। जैसे-जैसे अग्र दिशिक धारा में वृद्धि होती है। वैसे-वैसे ही प्रकाश की तीव्रता में भी वृद्धि होती जाती है। और यह अधिकतम हो जाती है इसके बाद अग्र दिशिक धारा में वृद्धि होने पर प्रकाश की तीव्रता घटने लगती है। एलईडी को इस प्रकार बायसित किया जाता है जिससे इनकी प्रकाश उत्सर्जन दक्षता अधिकतम हो।

प्रकाश उत्सर्जक डायोड का सिद्धांत

प्रकाश उत्सर्जक डायोड की कार्यविधि

प्रकाश उत्सर्जक डायोड का परिपथ चित्र में स्पष्ट किया गया है। जहां E दिष्ट धारा स्रोत है जिसका धन सिरा p-n संधि डायोड के p-क्षेत्र से जोड़ा जाता है। एवं बैटरी का ऋण सिरा, p-n संधि डायोड के n-क्षेत्र से जोड़ा गया है। एवं परिपथ में बैटरी के धन सिरे तथा डायोड के p-क्षेत्र के बीच एक प्रतिरोध R लगाते हैं। यह प्रतिरोध एलईडी में प्रवाहित धारा, अगर सीमा से ऊपर चली जाती है तब एलईडी को प्रतिरोध क्षतिग्रस्त होने से बचाता है। उत्सर्जित विकिरण की ऊर्जा E = hv होती है।

प्रकाश उत्सर्जक डायोड के उपयोग

  1. कंप्यूटर, केलकुलेटर तथा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों के अंग प्रदर्शन में यह प्रयोग की जाती है।
  2. चोर सूचक घंटी के निर्माण में LED प्रयोग होती है।
  3. प्रकाशीय कंप्यूटर मेमोरी में सूचना प्रवेश के लिए प्रकाश उत्सर्जक डायोड का उपयोग होता है।

Note – LED का पूरा नाम → Light Emitting Diode होता है जिसे प्रकाश उत्सर्जक डायोड कहते हैं। यह विद्युत ऊर्जा को प्रकाश ऊर्जा में रूपांतरित करता है।

LED की परंपरागत लैंपों से तुलना

  • LED की दक्षता परंपरागत लैंपो की तुलना में अधिक होती है जिस कारण इनके संचालन में कम विद्युत ऊर्जा की आवश्यकता होती है।
  • LED में तीव्र ऑफ-ऑन होने की क्षमता होती है जबकि परंपरागत लैंप में ऐसा नहीं होता है।
  • LED की आयु अधिक तथा यह सुदृढ़ होती हैं।
  • प्रकाश उत्सर्जक डायोड में उत्सर्जित प्रकाश की बैंड चौड़ाई काफी कम होती है यह लगभग एकवर्णी प्रकाश उत्सर्जित करता है।

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