नाभिकीय विखंडन क्या है, उदाहरण समझाइए, ऊर्जा, समीकरण

नाभिकीय विखंडन

जब किसी भारी नाभिक पर न्यूट्रॉनों की बमबारी की जाती है। तो वह नाभिक लगभग दो हल्के तथा समान नाभिकों में विखंडित हो जाता है। एवं इस प्रक्रिया में बहुत अधिक ऊर्जा मुक्त होती है। अतः इस प्रकार भारी नाभिकों का हल्के-हल्के नाभिकों में विखंडित होने की प्रक्रिया को नाभिकीय विखंडन (Nuclear fission in Hindi) कहते हैं।
92U235 + 0n192U23656Ba144 + 36Kr89 → 3 0n1 + ऊर्जा

नाभिकीय विखंडन वह प्रक्रिया है जिसमें एक भारी नाभिक एक न्यूट्रॉन का प्रग्रहण करके तुलनीय द्रव्यमानों के दो हल्के नाभिकों में विखंडन हो जाता है। तथा बहुत अधिक ऊर्जा का उत्सर्जन होता है।

नाभिकीय विखंडन की प्रक्रिया

वैज्ञानिक बोर एवं व्हीलर ने नाभिकीय विखंडन के सिद्धांत का विकास नाभिकीय बलों की उन बलों के साथ अनुरूपता के प्रयोग द्वारा किया। जो अणुओं को किसी द्रव में परिसर बांधते हैं। इन्होंने अनुमान लगाया कि 92U238 की तुलना में 92U235 अधिक विखंडनीय होता है। उत्सर्जित न्यूट्रॉन की ऊर्जा कुछ जा MeV कोटि की होती है।

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यूरेनियम 92U235 तत्व का परमाणु क्रमांक 92 तथा द्रव्यमान-संख्या 235 है। यूरेनियम तत्व के दो समस्थानिक होते हैं। 92U238 एवं 92U235

नाभिकीय विखंडन क्या है

जब तापीय न्यूट्रॉन 92U235 नाभिक से टकराता है। तो यूरेनियम न्यूट्रॉन को अवशोषित कर लेता है। तथा एक आइसोटोप U236 बन जाता है। परंतु यह अत्यंत अस्थायी होने के कारण तुरंत ही दो भागों में विखंडित हो जाता है। एवं न्यूट्रॉन व ऊर्जा का उत्सर्जन करता है।

नाभिकीय विखंडन की प्रक्रिया

Note – यूरेनियम के समस्थानिक 92U238 केवल 1 MeV से अधिक उर्जा वाले तीव्रगामी न्यूट्रॉन से विखंडित हो सकता है। लेकिन समस्थानिक 92U235 काफी मंद न्यूट्रॉनों जैसे तापीय न्यूट्रॉन 0.03 MeV से भी विखंडित हो सकता है।

नाभिकीय विखंडन में उर्जा

नाभिकीय विखंडन में ऊर्जा किस रूप में मिलती है।
यह प्रश्न महत्वपूर्ण है यह एक नंबर में कभी कभी पूछ लिया जाता है।
यूरेनियम जैसे नाभिक की विखंडन अभिक्रिया में निर्मुक्त ऊर्जा प्रति विखंडित नाभिक 200 MeV की कोटि की होती है।
अगर हम 1 ग्राम यूरेनियम के विखंडन में मुक्त ऊर्जा की गणना करें। तो
[katex] \frac{6 × 10^{23}}{235} [/katex]
= 2.56 × 1021
चूंकि प्रत्येक परमाणु के नाभिक के विखंडन से 200 MeV ऊर्जा मुक्त होती है।
तब 1 ग्राम यूरेनियम से प्राप्त ऊर्जा
= 2.56 × 1021 × 200 MeV
= 5 × 1023 MeV
अतः 1 ग्राम यूरेनियम का विखंडन होने पर 5 × 1023 MeV उर्जा उत्पन्न होती है।

नाभिकीय विखंडन का उदाहरण

परमाणु बम नाभिकीय विखंडन का एक उदाहरण है। अर्थात् परमाणु बम नाभिकीय विखंडन के सिद्धांत पर कार्य करता है।

Note – वह पदार्थ (जैसे – यूरेनियम 92U235) जिसका विखंडन तापीय न्यूट्रॉन द्वारा होता है। विखंडनीय पदार्थ कहलाते हैं। कुछ अन्य विखंडनीय पदार्थ के उदाहरण 90Th233, 92U233तथा 93Pu239 आदि हैं।


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