संतृप्त और असंतृप्त विलयन किसे कहते हैं उदाहरण सहित

संतृप्त विलयन

वह विलयन जिसमें दिए गए ताप एवं दाब पर और अधिक विलेय पदार्थ की मात्रा को घोला न जा सके, तब इस प्रकार बने विलयन को संतृप्त विलयन कहते हैं।
वह विलयन जो कि बिना घुले विलेय के साथ गतिक साम्य में होता है। संतृप्त विलयन कहलाता है।
संतृप्त विलयन में दी गई विलायक की मात्रा में खुली हुई, विलेय की मात्रा अधिकतम होती है। इस प्रकार के विलयनों में विलेय की सांद्रता उसकी विलेयता कहलाती है।

असंतृप्त विलयन

वह विलयन जिसमें उसी ताप पर और अधिक विलेय पदार्थ की मात्रा को घोला जा सकें, तब इस प्रकार के विलयन को असंतृप्त विलयन कहते हैं।

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संतृप्त और असंतृप्त विलयन का उदाहरण

किसी ताप एक बीकर में जल की कुछ मात्रा को लेकर उसमें धीरे-धीरे लवण को मिलाया जाता है। लवण की और अधिक मात्रा जल में डालने पर वह विलीन होता जाता है। तथा में एक ऐसी अवस्था आ जाती है। जब लवण का जल में विलीन होना बंद हो जाता है। तथा लवण बीकर की तली में जमा होने लगता है। तब इस अवस्था में विलयन को संतृप्त विलयन कहते हैं।
तथा इसी ताप पर जल में और अधिक लवण पदार्थ को घोला जा सके तब इस प्रकार के विलयन को असंतृप्त विलयन कहते हैं।


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