विसरण और परासरण में क्या अंतर है समझाइए

विसरण

वह प्रक्रम जिसमें अणुओं का उच्च सांद्रता वाले क्षेत्र से निम्न सांद्रता वाले क्षेत्र की ओर गमन होता है। विसरण कहलाता है।

परासरण

अर्ध पारगम्य झिल्ली से होकर किसी शुद्ध विलायक से विलयन में अथवा एक तनु विलयन से सान्द्र विलयन में विलायक का स्वतः प्रवाह परासरण कहलाता है।

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विसरण और परासरण में अंतर

क्र.सं.विसरणपरासरण
1विसरण की क्रिया में अर्ध पारगम्य झिल्ली का होना आवश्यक नहीं है।परासरण की क्रिया में अर्ध पारगम्य झिल्ली का होना आवश्यक है।
2विसरण की क्रिया ठोस, द्रव तथा गैस तीनों अवस्थाओं में हो सकती है।परासरण की क्रिया केवल द्रव अवस्था में ही होती है।
3विसरण को बाह्य बल लगाकर नहीं रोका जा सकता है।परासरण को बाह्य बल लगाकर रोका जा सकता है।
4विसरण में विलेय तथा विलायक दोनों के अणु सभी दिशा में गमन करते हैं।परासरण में केवल विलायक के अणु केवल एक ही दिशा में गमन करते हैं।

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