यंग का द्वि स्लिट प्रयोग क्या है, फ्रिंज चौड़ाई का व्यंजक प्राप्त कीजिए, चित्र

जब समान आवृत्ति की दो तरंगें एक साथ एक ही दिशा में चलती हैं तो माध्यम के कुछ बिंदुओं पर प्रकाश की तीव्रता बहुत अधिक होती है। तथा माध्यम के कुछ बिंदुओं पर प्रकाश की तीव्रता बहुत ही कम होती है। प्रकाश तरंगों की इस घटना को व्यतिकरण कहते हैं। इसमें हम यंग का व्यतिकरण संबंधित द्वि स्लिट प्रयोग के बारे में अध्ययन करेंगे।

यंग का द्वि स्लिट प्रयोग

वैज्ञानिक थॉमस यंग ने प्रकाश के व्यतिकरण को द्वि स्लिट प्रयोग द्वारा प्रयोगात्मक रूप से प्रस्तुत किया जिसे चित्र में दिखाया गया है इसे यंग का द्वि स्लिट प्रयोग (young double slit experiment in Hindi) कहते हैं।

यंग का द्वि स्लिट प्रयोग

यंग के प्रयोग व्यवस्था को चित्र द्वारा प्रदर्शित किया गया है।
इसके अनुसार S एक रेखा छिद्र (स्लिट) है जो कि A पर्दे पर उपस्थित है। इससे कुछ दूरी पर एक ओर अपारदर्शी पर्दा B होता है जिसमें दो रेखा छिद्र S1 व S2 हैं। जो पहले स्लिट S से बराबर दूरी पर उपर नीचे स्थित हैं। पर्दे B से आगे की ओर कुछ दूरी पर एक और अन्य पर्दा C स्थित है।

जब पहले पर्दे के रेखा छिद्र S पर एकवर्णी प्रकाश गिराया जाता है तब प्रकाश तरंगों S से निकलकर रेखा छिद्र S1 व S2 पर गिरती हैं। तथा S1 व S2 2 कला संबंध स्रोतों की भांति कार्य करते हैं। इन स्रोतों से एक ही कला में तथा समान आयाम की तरंगे निकलती है जो रेखा छिद्र S1 व S2 से आगे जाकर अध्यारोपण करते हैं इस अध्यारोपण के फलस्वरूप ऊर्जा का पुनर्वितरण हो जाता है। तथा C पर्दे पर एकांतर रूप से दीप्त और अदीप्त पट्टियां बनने लगती हैं इन पट्टियों को फ्रिन्जें कहते हैं। चित्र द्वारा स्पष्ट किया गया है।

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व्यतिकरण फ्रिन्जें

यंग ने अपने द्वि स्लिट प्रयोग में एकांतर क्रम में दीप्त और अदीप्त फ्रिन्जें प्राप्त की जिन्हें व्यतिकरण फ्रिन्जें कहते हैं। इन फ्रिन्जों की आकृति अतिपरवलयाकार होती है।

फ्रिंज चौड़ाई

दो क्रमागत दीप्त अथवा अदीप्त फ्रिंजों के बीच की दूरी को फ्रिंज चौड़ाई कहते हैं। फ्रिंज चौड़ाई को W से प्रदर्शित करते हैं।
\footnotesize \boxed { W = \frac{Dλ}{d} }
जहां D = रेखा छिद्र से पर्दे की दूरी
d = रेखा छिद्रों के बीच की दूरी
λ = प्रयुक्त प्रकाश की तरंगदैर्ध्य है।
यह फ्रिंज की चौड़ाई का सूत्र है। इस सूत्र द्वारा फ्रिंज चौड़ाई नापकर प्रकाश की तरंगदैर्ध्य ज्ञात की जा सकती है।


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