
Rohit Sharma
प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि
रोहित गुरुनाथ शर्मा का जन्म 30 अप्रैल 1987 को महाराष्ट्र के नागपुर जिले के बंसोडा क्षेत्र में हुआ था। उनके पिता गुरुनाथ शर्मा एक परिवहन कंपनी में स्टोर कीपर का काम करते थे, जबकि मां पूर्निमा शर्मा एक गृहिणी हैं। उनका बचपन आर्थिक तंगी में बीता। रोहित का बचपन बोरीवली, मुंबई में उनके नाना-नानी के साथ बीता, क्योंकि उनके माता-पिता के पास उनका पालन-पोषण करने के पर्याप्त साधन नहीं थे।
रोहित का क्रिकेट के प्रति रुझान बहुत बचपन से था। उन्हें गली क्रिकेट खेलना बेहद पसंद था और धीरे-धीरे उन्होंने अपने टैलेंट से ध्यान खींचा। उनके चाचा ने उन्हें एक क्रिकेट कैंप में दाखिला दिलवाया, जहाँ कोच दिनेश लाड ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और उन्हें स्कॉलरशिप के ज़रिए स्वामी विवेकानंद इंटरनेशनल स्कूल में भर्ती कराया।
शुरुआती करियर और घरेलू क्रिकेट
रोहित शर्मा ने 2005 में पहली बार भारत के लिए अंडर-17 क्रिकेट खेला। लेकिन उन्हें असली पहचान मिली 2006 के अंडर-19 वर्ल्ड कप में, जहाँ उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ अर्धशतक लगाया और पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया। इसी प्रदर्शन की बदौलत उन्हें भारत ए टीम में जगह मिली और फिर जल्दी ही सीनियर टीम में उनका चयन हुआ।
रणजी ट्रॉफी में भी रोहित ने मुंबई की ओर से खेलते हुए लगातार रन बनाए। 2006 में उन्होंने गुजरात के खिलाफ नाबाद 142 रन की पारी खेली, जिसने उन्हें सुर्खियों में ला दिया।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण
वनडे डेब्यू
रोहित शर्मा ने 23 जून 2007 को आयरलैंड के खिलाफ अपना पहला वनडे मैच खेला। शुरुआत में उन्हें सीमित मौके मिले, लेकिन जब भी मौका मिला, उन्होंने अपने क्लासिक शॉट्स से सबको प्रभावित किया।
2007 टी-20 वर्ल्ड कप में उन्हें भारत की टीम में शामिल किया गया और उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शानदार अर्धशतक जड़कर भारत को सेमीफाइनल में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
टेस्ट डेब्यू
हालांकि रोहित की प्रतिभा सबको नज़र आ रही थी, लेकिन उन्हें टेस्ट क्रिकेट खेलने का मौका 2013 में ही मिला। यह मौका भी तभी आया जब सचिन तेंदुलकर के संन्यास से ठीक पहले आखिरी सीरीज़ में उन्हें टीम में शामिल किया गया।
रोहित ने वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने पहले टेस्ट में 177 रन की पारी खेली, जो किसी भी भारतीय बल्लेबाज़ के डेब्यू पर दूसरी सबसे बड़ी पारी थी।
करियर का टर्निंग पॉइंट: ओपनर के रूप में शुरुआत
2013 चैंपियंस ट्रॉफी में महेंद्र सिंह धोनी ने रोहित शर्मा को ओपनर की भूमिका दी और यह निर्णय भारतीय क्रिकेट के इतिहास में मील का पत्थर साबित हुआ। इसके बाद रोहित ने न केवल खुद को स्थापित किया बल्कि भारत को कई बार मैच जिताए।
वनडे में ऐतिहासिक प्रदर्शन
रोहित शर्मा ने वनडे क्रिकेट में कई ऐसे रिकॉर्ड बनाए हैं जो विश्व स्तर पर अनोखे हैं:
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264 रन बनाम श्रीलंका (2014) – वनडे क्रिकेट में यह अब तक का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है।
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तीन दोहरे शतक – रोहित शर्मा दुनिया के इकलौते बल्लेबाज़ हैं जिन्होंने वनडे में तीन बार दोहरा शतक बनाया है:
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209 बनाम ऑस्ट्रेलिया (2013)
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264 बनाम श्रीलंका (2014)
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208* बनाम श्रीलंका (2017)
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2019 विश्व कप में 5 शतक – रोहित शर्मा ने 2019 के वर्ल्ड कप में 5 शतक लगाकर एक ही विश्व कप में सबसे अधिक शतक बनाने का रिकॉर्ड बनाया।
T20 में धमाल
रोहित शर्मा ने टी-20 क्रिकेट में भी अद्वितीय प्रदर्शन किया है:
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वह टी-20 अंतरराष्ट्रीय में 5 शतक बनाने वाले पहले बल्लेबाज़ हैं।
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उनके नाम टी-20 इंटरनेशनल में सबसे तेज़ शतक (35 गेंदों में) का रिकॉर्ड भी रहा है।
टेस्ट क्रिकेट में सफलता
2021 के बाद रोहित शर्मा को टेस्ट क्रिकेट में भी एक स्थिर ओपनर के रूप में देखा गया। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स और ओवल टेस्ट में शानदार पारियाँ खेलीं। विशेषकर विदेशी परिस्थितियों में उनकी बल्लेबाज़ी में परिपक्वता और धैर्य दिखाई देने लगा।
कप्तानी करियर
रोहित शर्मा ने मुंबई इंडियंस की कप्तानी 2013 में संभाली और उसी वर्ष टीम को IPL खिताब जिताया। उनके नेतृत्व में मुंबई इंडियंस ने 5 बार (2013, 2015, 2017, 2019, 2020) आईपीएल का खिताब जीता – जो अब तक किसी भी कप्तान द्वारा सबसे ज़्यादा है।
2021-22 में विराट कोहली के कप्तानी छोड़ने के बाद रोहित शर्मा को भारतीय टीम का पूर्णकालिक कप्तान बनाया गया। उनके नेतृत्व में भारत ने कई द्विपक्षीय सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया।
2023 में भारत वनडे विश्व कप के फाइनल तक पहुंचा और पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया। हालांकि भारत फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हार गया, लेकिन रोहित की आक्रामक कप्तानी और धमाकेदार शुरुआतों ने सबका दिल जीत लिया।
खास उपलब्धियाँ
उपलब्धि | विवरण |
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वनडे में सबसे बड़ा स्कोर | 264 रन |
वनडे में 3 दोहरे शतक | अकेले बल्लेबाज़ |
T20I में 5 शतक | दुनिया में सबसे ज़्यादा |
2019 WC में 5 शतक | विश्व कप रिकॉर्ड |
IPL में 5 बार खिताब | सबसे सफल कप्तान |
ICC ODI Cricketer of the Year | 2019 |
खेल शैली और खासियत
रोहित शर्मा की बल्लेबाज़ी को उनकी टाइमिंग, एलिगेंस और फ्लेयर के लिए जाना जाता है। वह कलाईयों का बेहतरीन इस्तेमाल करते हैं, और उनका पुल शॉट दुनिया भर में प्रसिद्ध है। जब रोहित लय में होते हैं, तो उन्हें रोक पाना मुश्किल हो जाता है। वे बेहद शांत, संयमित और धैर्यवान खिलाड़ी हैं।
निजी जीवन
रोहित शर्मा ने 13 दिसंबर 2015 को रितिका सजदेह से शादी की। दोनों की एक बेटी है – समायरा शर्मा, जो 2018 में पैदा हुई। रोहित अपनी फैमिली लाइफ को प्राइवेट रखते हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर अपने परिवार के साथ तस्वीरें शेयर करते रहते हैं।
वे जानवरों से बहुत प्रेम करते हैं और पेटा इंडिया से जुड़े हैं। उन्होंने जानवरों के संरक्षण और देखभाल के लिए कई कैंपेन भी चलाए हैं।
ब्रांड एंडोर्समेंट और कमाई
रोहित शर्मा कई बड़े ब्रांड्स के ब्रांड एंबेसडर हैं जैसे:
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Adidas
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CEAT Tyres
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Hublot
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Oakley
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Dream11
उनकी ब्रांड वैल्यू करोड़ों में है और वे भारत के सबसे ज्यादा कमाई करने वाले खिलाड़ियों में से एक हैं।
समाज सेवा और दान
रोहित Sharma समाज सेवा में भी सक्रिय हैं। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और वन्य जीवों की रक्षा जैसे अभियानों में भाग लिया है। इसके अलावा COVID-19 महामारी के दौरान उन्होंने PM-CARES और कई NGO को आर्थिक सहयोग दिया।
विवाद और आलोचना
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रोहित शर्मा को शुरुआत में “lazy elegance” यानी धीमे और आलसी दिखने वाला खिलाड़ी कहा जाता था, लेकिन उन्होंने अपने प्रदर्शन से इन बातों को गलत साबित किया।
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2011-2012 में फॉर्म में गिरावट के कारण उन्हें टीम से बाहर भी किया गया था, लेकिन उन्होंने जोरदार वापसी की।
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विराट कोहली और रोहित शर्मा के बीच मतभेदों की भी अफवाहें कई बार सामने आईं, लेकिन दोनों खिलाड़ियों ने हमेशा इसे खारिज किया और एक-दूसरे का सम्मान किया।
2024 के बाद का सफर
2024 में रोहित शर्मा टी20 विश्व कप में भारत के कप्तान बने और टीम को ट्रॉफी दिलाई, जिसने 17 साल बाद भारत को T20 विश्व कप चैंपियन बनाया। यह उपलब्धि उनके नेतृत्व की पराकाष्ठा थी।
निष्कर्ष
रोहित शर्मा केवल एक क्रिकेटर नहीं, बल्कि एक प्रेरणा हैं। उन्होंने संघर्ष से लेकर शिखर तक का सफर तय किया है। एक साधारण परिवार से निकलकर दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में अपनी पहचान बनाना आसान नहीं था, लेकिन रोहित ने अपने संयम, प्रतिभा और मेहनत से यह कर दिखाया। आज वे भारत के सबसे चहेते क्रिकेटरों में से एक हैं, और आने वाली पीढ़ियों के लिए आदर्श हैं।